`संगतकार` कवि- मंगलेश डबराल मंगलेश डबराल का जन्म

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‘संगतकार’
• मंगलेश डबराल का जन्म 1948 ई. में टिहरी गढ़वाल के
काफलपानी ग वॉँ में हुआ तथा शशक्षा दे हरादन
ू में ग्रहण की।
1983 में जनसत्ता अखबार में साटहत्य-संपादक का पद
संभाला।
आजकल
वे
नेशनल
बुक
ट्रस्ि
से
जुड़े
हैं।
‘संगतकार’ कववता में कवव ने मख्
ु य गायक का साथ दे ने
वाले संगतकार (कलाकार) के महत्त्व को रे खांककत ककया है ।
• प्रस्तुत कववता में कवव ने मुख्य गायक (कलाकार) का साथ दे ने वाले
संगतकार की भूशमका पर प्रकाश डालते हुए बताया है कक समाज और
इततहास में ऐसे अनेक प्रसंगों को दे खा जा सकता है कक जहााँ मख्
ु य
कलाकार (वादक, गायक, अशभनेता आटद) की सफलता में इन्होंने अपना
महत्त्वपूणण योगदान टदया है । कववता, पाठक में
यह संवेदनशीलता
ववकशसत करती है कक कला के क्षेत्र में प्रत्येक व्यक्तत का अपना-अपना
महत्त्व है और उनका सामने न आना उनकी कमजोरी नहीं मानवीयता है ।
•
संगतकार- मख्
ु य गायक के साथ गायन करने वाला या कोई अन्य वाद्य बजाने
वाला सहायक कलाकार
•
•
तान-
संगीत में स्वर का ववस्तार
•
नौशसखखया- क्जसने अभी सीखना प्रारं भ ककया हो
•
अंतरा- स्थायी या िे क को छोड़कर गीत का चरण
– कला एवं संगीत के क्षेत्र में सहायक कलाकारों की महत्त्वपूणण भूशमका
को उभारना।
– संगतकार से तात्पयण व अथण बताना।
– गायक (संगतकार) के गुणों की व्याख्या करना |
– संगतकार की ववशेषता बताना।
– संगतकार का प्रेरक रूप में उभरना।
– कववता का मूल स्वर- नर हो न तनराश करो मन को
शशल्प – भाषा- साटहक्त्यक खड़ी बोली का प्रयोग, उदण ू शब्दावली के साथ तद्भव एवं तत्सम शब्दों का प्रयोग। भाषा
में प्रवाह, गतत, सहजता व सरलता
अलंकार प्रयोगःउपमा अलंकार- चट्टान जैसा................................., राख जैसा ....................................
पन
ु रुक्तत प्रकाश - कभी-कभी
....................................
भाव – संगतकार की मानवीयता को उभारा गया है कक वह असफल नहीं है । मख्
ु य कलाकार को सफलता टदलाने
में ही उसकी मानवीयता है ।
• कफल्मों में स्िं ि कलाकारों की भशू मका की ओर
ध्यानाकषणण।
1.
संगतकार के माध्यम से कवव ककस प्रकार के व्यक्ततयों
की ओर संकेत करना चाह रहा है ?
2.
संगतकार ककन-ककन रूपों में मख्
ु य गायक गातयकाओं
की मदद करते हैं?
3.
सफलता के चरम शशखर पर पहुाँचने के दौरान यटद
व्यक्तत लड़खड़ाता है , तब उसे सहयोगी ककस प्रकार
संभालते हैं?

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